होलिका दहन | वरदान के बावजूद क्यों जल गई होलिका?

होलिका दहन के साथ ही होली की शुरुआत होती है। कथाओं के मुताबिक भक्त प्रह्लाद भगवान विष्णु के परम भक्त थे। वहीं, प्रह्लाद के पिता हिरणकश्यप को विष्णु फूटी आंख नहीं सुहाते थे। इस वजह से उन्होंने प्रह्लाद को विष्णु की पूजा करने से कई बार मना किया और ना मानने पर उन्हें तरह-तरह की … Read more होलिका दहन | वरदान के बावजूद क्यों जल गई होलिका?

होली | अजीब हैं यह होली की परंपराएं

होली रंगो का त्यौहार है। हालांकि इस त्योहार की परम्परा हिंदुओं से जुड़ी हुई है। लेकिन होली को विदेशों में भी मनाया जाता है। अपने आप में कई संस्कृतियां और परम्पराओं को समेटे हुए रंगों का ये त्योहार आपसी प्रेम और एकता का प्रतीक है। भारत को शुरू से विभिन्नताओं का देश कहा जाता है। … Read more होली | अजीब हैं यह होली की परंपराएं

Safe Holi | कैसे मनाएं सुरक्षित होली

होली खुशियों का त्यौहार  का माना जाता है. इस साल 10 मार्च के दिन पूरा देश इसे धूमधाम से मनाएगा. इस त्यौहार में रंगों के साथ खेलने में जितना मजा आता है, उतने ही परेशानी उन्हें छु़ड़ाने में होती है. होली को अच्छे से मनाने के लिए कुछ लोग इको फ्रेंडली होली खेलते हैं. इसमें … Read more Safe Holi | कैसे मनाएं सुरक्षित होली

Lalitha Sahasranamam | ललिता सहस्रनाम स्तोत्रम् | Sanskrit

Lalitha Sahasranamam

ॐ श्रीमाता, श्री महाराज्ञी, श्रीमत्-सिंहासनेश्वरी ।
चिदग्नि कुण्डसम्भूता, देवकार्यसमुद्यता ॥
उद्यद्भानु सहस्राभा, चतुर्बाहु समन्विता ।
रागस्वरूप पाशाढ्या, क्रोधाकाराङ्कुशोज्ज्वला ॥

Sharada Aarti | शारदा आरती | Hindi | English

Sharda Aarti

हे शारदे! कहाँ तू बीणा बजा रही है |
किस मंजुज्ञान से तू जग को लुभा रही है |
किस भाव में भवानी तू मग्न हो रही है,
विनती नहीं हमारी क्यों मात सुन रही है |

Kuber Aarti | कुबेर आरती | Hindi | English

Kuber Aarti

ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जै यक्ष जै यक्ष कुबेर हरे।
शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे।
॥ ऊँ जै यक्ष कुबेर हरे…॥
शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े।
दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े ॥

Sharada Chalisa | शारदा चालीसा | Hindi | English

मूर्ति स्वयंभू शारदा, मैहर आन विराज ।
माला, पुस्तक, धारिणी, वीणा कर में साज ॥
जय जय जय शारदा महारानी, आदि शक्ति तुम जग कल्याणी।
रूप चतुर्भुज तुम्हरो माता, तीन लोक महं तुम विख्याता॥

Narmada Chalisa | नर्मदा चालीसा | Hindi | English

Narmada Chalisa

देवि पूजित, नर्मदा, महिमा बड़ी अपार।
चालीसा वर्णन करत, कवि अरु भक्त उदार॥
इनकी सेवा से सदा, मिटते पाप महान।
तट पर कर जप दान नर, पाते हैं नित ज्ञान ॥