Ganpati Bhaj Pragat Parvati – Ganesh Aarti

Ganpati Bhaj Pragat Parvati

श्री गणपति भज प्रगट पार्वती, अंक विराजत अविनासी।
ब्रह्मा विष्णु सिवादि सकल सुर, करत आरती उल्लासी॥
त्रिशूल धर को भाग्य मानिकै, सब जुरि आये कैलासी।
करत ध्यान, गन्धर्व गान-रत, पुष्पन की हो वर्षा-सी॥

Brahma Ji Aarti | ब्रह्मा जी आरती | Hindi | English

Brahma Ji Aarti

पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो।
जिनके कुछ और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो ।
सब भॉति सदा सुखदायक हो, दुख निर्गुण नाशन हरे हो ।
प्रतिपाल करे सारे जग को, अतिशय करुणा उर धारे हो ।

ओम जय जगदीश हरे आरती | Vishnu Ji Ki Aarti | Hindi | English

Vishnu Ji Ki Aarti

आरती ओम जय जगदीश हरे ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट क्षण में दूर करे, ओम जय जगदीश हरे जो ध्यावे फल पावे, दुःख बिन से मन का (स्वामी दुःख बिन से मन का) सुख सम्पति घर आवे सुख सम्पति घर आवे कष्ट मिटे तन … Read more

Rani Sati Aatri | राणी सती जी की आरती

Rani Sati Ji Ki Aarti

राणी सती जी की आरती जय श्री रानी सती मैया, जय श्री रानी सती | अपने भक्त जनों की दूर करने विपत्ति || जय अवनि अनवर ज्योति अखंडित मंडित चहुँ कुकुमा | दुर्जन दलन खंग की विद्युत् सम प्रतिभा || जय मरकत मणि मन्दिर अति मंजुल शोभा लाख न परे | ललित ध्वजा चहुँ और … Read more

Shri Hanuman Aarti | श्री हनुमान जी की आरती

Hanuman Ji Ki Aarti

श्री हनुमान जी की आरती आरती कीजै हनुमान लला की। दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥ जाके बल से गिरिवर कांपे। रोग दोष जाके निकट न झांके॥ अंजनि पुत्र महा बलदाई। सन्तन के प्रभु सदा सहाई॥ दे बीरा रघुनाथ पठाए। लंका जारि सिया सुधि लाए॥ लंका सो कोट समुद्र-सी खाई। जात पवनसुत बार न लाई॥ लंका … Read more

Vishwakarma Aarti | आरती श्री विश्‍वकर्मा जी की

Vishwakarma Ji Ki Aarti

विश्‍वकर्मा आरती (Vishwakarma Aarti) आरती श्री विश्‍वकर्मा जी की (हिन्दी) जय श्री विश्‍वकर्मा प्रभु जयश्री विश्‍वकर्मा सकल सृष्टी मे विधि को श्रुति उपदेश दिया जीव मात्र का जग मे ज्ञान विकास किया ऋषि अंगिरा तप से शांति नही पाई रोग ग्रस्त राजा ने जब आश्रय लीना संकट मोचन बनकर दूर दुख कीना जय श्री विश्‍वकर्मा प्रभु … Read more

Vindhyeshwari Aarti | विन्ध्येश्वरी जी की आरती

Vindhyeshwari Ji Ki Aarti

सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी, कोई तेरा पार ना पाया टेक
पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले तेरी भेट .चढ़ाया
सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी, सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी
साड़ी चोली तेरी अंग विराजे, केसर तिलक लगाया

Surya Aarti | सूर्य देव की आरती | Hindi | English

Surya Aarti

सूर्य देव की आरती ॐ जय सूर्य भगवान, जय हो दिनकर भगवान। जगत् के नेत्रस्वरूपा, तुम हो त्रिगुण स्वरूपा। धरत सब ही तव ध्यान, ॐ जय सूर्य भगवान।। ।।ॐ जय सूर्य भगवान…।। सारथी अरुण हैं प्रभु तुम, श्वेत कमलधारी। तुम चार भुजाधारी।। अश्व हैं सात तुम्हारे, कोटि किरण पसारे। तुम हो देव महान।। ।।ॐ जय … Read more

Annapurna Aarti | अन्नपूर्णा आरती | Hindi | English

Annapurna Devi Aarti

बारम्बार प्रणाम मैया.. बारम्बार प्रणाम,
जो नहीं ध्यावे तुम्हे अम्बिके, कहा उसे विश्राम !!
अन्नपूर्णा देवी नाम तिहारो.. लेत होत सब काम,
प्रलय युगांतर और जन्मान्तर , कालांतर तक नाम !!